"भ्रष्टाचार लोकपल से कभि भि खत्म नहि हो सकता , लोकायुक्त केवल
एक
पोस्ट है। जब सिस्ट्म हि गलत है तो पोस्ट बढाने से भ्रष्टाचार कैसे खत्म
होगा? लोकायुक्त को सभि भ्र्ष्ट लोगो से ताल बनानि हि पडेगि,लोकयुक्त
अगर सब भ्र्ष्ट अधिकरिओ एवम नेताओ से नहि मिला तो उसे वो लोग
किसि और तरिके से 'हेन्डल' कर लैगे। लोकयुक्त एक इन्सान हि है,इसि लिये ज्यादातर सम्भावना यहि है कि वो भि उनसे मिल जायेगा, तब भ्रष्टाचार
महंगा हो जायेगा, समज लिजिए कि एक काम के लिये कोइ
अधिकारि 10,000 रिश़्वत लेता है और जब लोकायुक्त आ जायेगा और
उसका हिस्सा 2500 होगा तो बादमे वहि काम के लिये 12,500 रिश़्वत
देनि पडेगि। तो अभि किसि के बहेकावे मे आके बिना सोचे-समजे लोकपाल
का समर्थन किया तो आगे जाके तकलिफ हमे हि उठानि पडेगि।"
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